जनसेना अध्यक्ष श्री पवन कल्याण जी ने कहा संस्कृत भाषा देव भाषा के साथ साथ हमारे तेलुगू भाषा का मूल भी है
जनसेना अध्यक्ष श्री पवन कल्याण जी ने कहा संस्कृत भाषा देव भाषा के साथ साथ हमारे तेलुगू भाषा का मूल भी है.
जनसेना अध्यक्ष श्री पवन कल्याण जी ने कहा यह हमारे भारतीय भाषाओं की महानता है.
संस्कृत भाषा देव भाषा के साथ साथ हमारे तेलुगू भाषा का मूल भी है. द्वापर युग मे लिखे गए भगवद् गीता हो या शंकराचार्य जी के लिखे गए शिवाष्टकम् क्यों ना हो ये सब संस्कृत भाषा की महानता और गहराई जाहिर करते हैं.
जनसेना अध्यक्ष और यह भी कहा कि मनोविकास के लिए हो या धर्म के प्रचार के लिए हो जब लोगों के उनकी अपनी जबान में उसे फैलाया जाए तो सबको समझ में आती है. अगर उनको कोई अंग्रेजी जबान में समझाने की कोशिश करें तो क्या आम जनता उसको समझ सकती है? क्या लोगों तक उसका मतलब पहुंच सकता है?
यही कारण है कि संस्कृत ग्रंथों से तेलुगु में अनुवाद किया गया और गान गाए गए. आए हम अपने भाषा और संस्कृति की रक्षा और उस पर गौरव करें.
मेरी नदी,मेरी वाणी..
